पुरुषार्थ क्या है पुरुषार्थ का अर्थ, पुरुषार्थ का महत्व

पुरुषार्थ मानवीय गुणों को इस तरह से जोड़ता है कि यह भौतिक सुख-सुविधाओं और आध्यात्मिक विकास के बीच एक विशेष संतुलन बनाने में मदद करता है।

संस्कार क्या है संस्कार का अर्थ संस्कार का महत्व (sanskar)

संस्कार वह सशक्त साधन हैं जिनके माध्यम से व्यक्ति बौद्धिक और आध्यात्मिक रूप से परिष्कृत होकर समाज का पूर्ण विकसित सदस्य बन पाता है।

आश्रम व्यवस्था क्या है आश्रम के प्रकार (ashram vyavastha)

आश्रम व्यवस्था ने जीवन को चार स्तरों में विभाजित करके और प्रत्येक स्तर पर कर्तव्यों के पालन को निर्देशित करके मानव जीवन को व्यवस्थित किया है।

कर्म क्या है कर्म का अर्थ, कर्म के प्रकार, कर्म का महत्व

भारतीय सामाजिक संगठन की एक महत्वपूर्ण विशेषता या आधार कर्म का सिद्धांत है। इस सिद्धांत के अनुसार मानव जीवन का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य "कर्म" करना है।

रेटिंग स्केल क्या है / निर्धारण मापनी क्या है (Rating Scale)

रेटिंग स्केल एक ऐसा उपकरण है जिसमें अक्षरों, संख्याओं, शब्दों या प्रतीकों की सहायता से लोगों में मौजूद गुणों का आकलन किया जाता है।

मूल्यांकन क्या है मूल्यांकन का अर्थ एवं विशेषताएं evaluation

मूल्यांकन एक सतत प्रक्रिया है जो संपूर्ण शिक्षा प्रणाली का एक अभिन्न अंग है और मनोवैज्ञानिक और शैक्षिक उद्देश्यों से निकटता से संबंधित है।

अवधान का अर्थ एवं परिभाषा, अवधान के प्रकार (Attention)

अवधान एक चयनात्मक प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति शरीर का एक विशेष शारीरिक मुद्रा किसी वस्तु या उद्दीपक को चेतना के केंद्र से लाने के लिए तैयार होता है।