अन्य पिछड़ा वर्ग किसे कहते हैं? (any pichda varg)
अन्य पिछड़ा वर्ग की कई दलित जातियों पर आज भी शोषण और अत्याचार की घटनाएँ जारी हैं। यह शोषण और अत्याचार ऊंची जातियों और वर्गों द्वारा किया जाता है।
अन्य पिछड़ा वर्ग की कई दलित जातियों पर आज भी शोषण और अत्याचार की घटनाएँ जारी हैं। यह शोषण और अत्याचार ऊंची जातियों और वर्गों द्वारा किया जाता है।
जिन लोगों के लिए हम अनुसूचित जाति शब्द का प्रयोग करते हैं उन्हें अछूत जातियाँ, अस्पृश्य, दलित वर्ग, बहिष्कृत जातियाँ जैसे शब्दों से संबोधित किया जाता रहा है।
सामूहिक चेतना को समाज के अधिकांश सदस्यों की सामान्य भावनाओं और विश्वासों के रूप में वर्णित करते हैं। इन विश्वासों और भावनाओं की व्यवस्था का अपना एक जीवन है।
काई-वर्ग परीक्षण को सामान्य उद्देश्य सांख्यिकी कहा जाता है। कर्ट्ज़ और मेयो के अनुसार, काई-वर्ग का उपयोग अक्सर यह निर्धारित करने के लिए किया जाता है
हमारे देश की सबसे प्रमुख सामाजिक समस्या जनसंख्या विस्फोट की समस्या है। आज विश्व की लगभग 7 प्रतिशत जनसंख्या पृथ्वी के 2.4 प्रतिशत क्षेत्रफल पर निवास करती है।
गांधीजी ने शोषण मुक्त और समान समाज की स्थापना के आधार पर आर्थिक असमानताओं को दूर करने के लिए ट्रस्टीशिप का सिद्धांत का प्रतिपादन किया।
गांधीजी सत्य की शक्ति को सत्याग्रह का पहला तत्व और अहिंसा को दूसरा तत्व मानते थे। उनका मानना था कि सत्याग्रही को हमेशा यह विश्वास रखना चाहिए
'समन्वित ग्रामीण विकास कार्यक्रम' एक ऐसा कार्यक्रम है जो ग्रामीण विकास के लिए ग्रामीण समाज के अछूते प्राकृतिक संसाधनों और मानव संसाधनों का उपयोग करता है।
प्रतिवेदन लेखन से शोध प्रतिवेदन का महत्व पता चलता है। एक अनुसंधान प्रतिवेदन एक शोध अध्ययन का अंतिम चरण है और इसके लिए बहुत अधिक कौशल और दक्षता की आवश्यकता है।
आँकड़ों को एकत्रित करने तथा उनकी व्याख्या करने के बाद शोधकर्ता का सबसे महत्वपूर्ण कार्य उनके आधार पर प्राप्त निष्कर्षों का विवरण प्रस्तुत करना है।
भारत में जनजातीय विवाह संस्था अन्य देशों की जनजातियों की तरह सभ्य समाज से भिन्न है। प्रत्येक जनजाति की अपनी अलग संस्कृति होती है
वर्तमान समय में औद्योगीकरण, नगरीकरण, पश्चिमी शिक्षा, भौतिकवाद आदि के कारण ईसाई विवाह के क्रम में परिवर्तन आ रहा है। जिनमें से मुख्य है -