social worker - study notes
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Hi, I Am Social Worker इस ब्लॉग का उद्देश्य छात्रों को सरल शब्दों में और आसानी से अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना है।

दंड के सिद्धांत क्या है? dand ke siddhant

दंड के सिद्धांत को निम्नलिखित भागों में विभाजित किया जा सकता है:-
प्रायश्चित्त का सिद्धांत,
प्रतिशोधात्मक सिद्धांत,
प्रतिरोधात्मक सिद्धांत,
सुधारात्मक सिद्धांत

अपराधशास्त्र क्या है? अपराधशास्त्र का अर्थ (apradh shastra)

वह ज्ञान जो आपराधिक व्यवहार के कारणों, अपराधों की रोकथाम, नियंत्रण, अपराधियों की सजा और पुनर्वास आदि पर विचार करता है, वह है - अपराधशास्त्र ।

संगठित अपराध क्या है संगठित अपराध के प्रकार sangathit apradh

संगठित अपराध समग्र रूप से दो या दो से अधिक व्यक्तियों द्वारा संयुक्त साहसपूर्ण प्रयास के रूप में की जाने वाली एक आपराधिक गतिविधि है।

पेशेवर अपराध तथा साधारण अपराध में अंतर स्पष्ट कीजिए?

पेशेवर अपराध तथा साधारण अपराध में अंतर कई स्तरों पर देखा जा सकता है :- पेशेवर अपराधी आदतन अपराधी होते हैं, लेकिन सामान्य अपराधी ऐसे नहीं होते।

श्वेत वसन अपराध क्या है? श्वेत वसन अपराध के कारण, प्रकार

ई.एच. सदरलैंड ने 1939 में अमेरिकी समाजशास्त्रीय परिषद को अपने अध्यक्षीय भाषण में पहली बार श्वेत वसन अपराध की अवधारणा पेश की।

अपराध तथा श्वेत वसन अपराध में अंतर स्पष्ट कीजिए?

अपराध तथा श्वेत वसन अपराध में अंतर को निम्नलिखित आधार पर समझा जा सकता है:- अपराध की प्रकृति के आधार पर अंतर, प्रभाव की तीव्रता में अंतर

भारत में सफेदपोश अपराध (bharat mein Safedposh apradh)

भारत में सफेदपोश अपराध केवल सदरलैंड द्वारा परिभाषित व्यवसायिक अपराध नहीं हैं, बल्कि इसमें मध्यम वर्ग के लोगों द्वारा किए गए गैरकानूनी कृत्य भी शामिल हैं,

महिला अपराध क्या है? महिला अपराध के कारण (mahila apradh)

महिलाओं द्वारा किया गया कोई भी व्यवहार जो कानून और सामाजिक मानदंडों का उल्लंघन करता है या जो लोक कल्याण में बाधा डालता है, उसे महिला अपराध कहा जाता है।

द्वंद्ववाद क्या है? द्वंद्ववाद का अर्थ (dvandvavaad)

द्वंद्ववाद की अवधारणा अत्यंत प्राचीन है। यह अवधारणा एकमतता के बजाय वाद-विवाद, तर्क-वितर्क, अर्थात् वैचारिक संघर्ष में विश्वास करती है।

अलगाव क्या है? अलगाव की अवधारणा, अलगाव का अर्थ (algav)

अलगाव व्यक्ति की एक सामाजिक मनोवैज्ञानिक स्थिति या अवस्था है। जिसमें व्यक्ति अपने सामाजिक अस्तित्व के मुख्य पहलुओं से कट जाता है।