बाल श्रम क्या है? बाल श्रम के कारण, दुष्प्रभाव (balshram)
भारतीय संविधान के अनुसार, 9 से 14 वर्ष की आयु के लड़के और लड़कियाँ जो सवैतनिक श्रम करते हैं। वे बाल श्रम के अंतर्गत आते हैं।
भारतीय संविधान के अनुसार, 9 से 14 वर्ष की आयु के लड़के और लड़कियाँ जो सवैतनिक श्रम करते हैं। वे बाल श्रम के अंतर्गत आते हैं।
श्रम के बिना उद्योग की कल्पना नहीं की जा सकती। श्रम शारीरिक और मानसिक दोनों होता है। उद्योग में श्रम का अधिक महत्व है और उद्योग के लिए श्रम एक आवश्यक तत्व है।